भगवानदास उइके तामिया
छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक अंतर्गत एक शिक्षक ने अपनी सेवानिवृत्ति को यादगार बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी खास बना दिया।मामला तामिया के संकुल केंद्र चावलपानी अंतर्गत शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय केवलारी का है। यहां से शिक्षक बखेड़ीलाल उइके सेवानिवृत्त हुए हैं।शिक्षक की विदाई के लिए विद्यालय परिसर में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान आदिवासी ढोल की थाप और गाजे-बाजे के साथ शिक्षक बखेड़ीलाल उइके को भावभीनी विदाई दी गई।विदाई समारोह में शिक्षक के प्रति विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार का स्नेह साफ नजर आया। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और ग्रामीणजन मौजूद रहे।लेकिन इस विदाई समारोह की सबसे खास बात रही शिक्षक बखेड़ीलाल उइके की अनूठी पहल। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर 167 स्कूली बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग वितरित किए।बच्चों को जब स्कूल बैग दिए गए तो उनके चेहरों पर खुशी देखने को मिली। शिक्षक का कहना था कि विद्यार्थियों के साथ बिताया गया सेवाकाल उनके जीवन की महत्वपूर्ण यादों में शामिल है और सेवानिवृत्ति के अवसर पर बच्चों के लिए कुछ करने की उनकी इच्छा थी।इसी सोच के साथ उन्होंने 167 बच्चों को स्कूल बैग उपलब्ध कराए।
समारोह में विद्यार्थियों ने भी अपने शिक्षक के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया। आदिवासी ढोल की थाप, गाजे-बाजे और सम्मान समारोह के बीच शिक्षक बखेड़ीलाल उइके की विदाई भावुक माहौल में हुई।
शिक्षक की इस पहल की विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यार्थियों को उपयोगी सामग्री देना निश्चित रूप से समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है।
सेवानिवृत्ति पर ढोल-नगाड़ों के साथ शिक्षक को दी गई भावभीनी विदाई
तामिया के संकुल केंद्र चावलपानी अंतर्गत शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय केवलारी से शिक्षक बखेड़ीलाल उइके की सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। विदाई समारोह में आदिवासी ढोल की थाप और ढोल-नगाड़ों के साथ शिक्षक को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
समारोह में विद्यालय परिवार, विद्यार्थी, अभिभावक एवं क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। विद्यार्थियों और सहकर्मियों ने शिक्षक बखेड़ीलाल उइके के सेवाकाल के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया।
इस अवसर पर शिक्षक बखेड़ीलाल उइके ने अपनी सेवानिवृत्ति को यादगार बनाते हुए 167 स्कूली बच्चों को निःशुल्क स्कूल बैग वितरित किए। बैग पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
शिक्षक ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ बिताया सेवाकाल उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में शामिल है। सेवानिवृत्ति के अवसर पर बच्चों के लिए कुछ करने की इच्छा थी, इसी भावना से उन्होंने स्कूल बैग वितरित किए।
आदिवासी ढोल की थाप, ढोल-नगाड़ों और सम्मान के बीच आयोजित विदाई समारोह भावुक माहौल में संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने शिक्षक की इस पहल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

