घर बिका झुगी में रहे, फिर 5 साल में खड़ी कर दी 8000 करोड़ की कम्पनी। जानिए कौन हैं वो शख्स - MP Khas Khabar

Breaking News

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, July 19, 2022

घर बिका झुगी में रहे, फिर 5 साल में खड़ी कर दी 8000 करोड़ की कम्पनी। जानिए कौन हैं वो शख्स

आइए आज हम उस व्यक्ति के बारे में जानते है जिसने महज 5 साल की उम्र में 8000 करोड़ रूपए की कंपनी खड़ी कर दी। जी हां उस शख्स का नाम अलख पांडेय (Alakh Pandey) है, जिसने स्टार्टअप (Education Startup) फिजिक्स वाला (Physics wallah) शुरू किया। जिनके एजुकेशन स्टार्टअप (Education Startup) फिजिक्स वाला (Physics wallah) को हाल ही में यूनिकॉर्न (Unicorn) का दर्जा मिला है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जन्में अलख पांडेय (Alakh Pandey) प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exam) की तैयारी हेतु बच्चों पढ़ाते है। अपने पढ़ाने के अंदाज को लेकर वो अपने स्टूडेंट्स के बीच काफी चर्चा में रहते हैं। उनके संस्थान के सभी छात्र उनके पढ़ाने के तरीके को बहुत पसंद करते हैं और यही वजह है की आज हर जगह फिजिक्स वाला (Physics Wallah) की ही चर्चा हो रही है। और अलख पांडेय की कंपनी आज देश की 101 वीं यूनिकॉर्न कंपनी बन चुकी है।

आइए जानते हैं कैसी परिस्तिथियों से गुजरे हैं फिजिक्सवाला के सीईओ अलख पांडेय :


एजुकेशन स्टार्टअप (Education Startup) फिजिक्स वाला (Physics wallah) के सीईओ अलख पांडेय (Alakh Pandey) उसी परिस्थिति में से गुज़र हैं जैसे आज अन्य बेरोजगार गुजर रहे है। यानी गरीबी, मध्यमवर्गीय परिवार इत्यादि। लेकिन क्या प्रतिकूल परिस्थिति के कारण कोई शख्स सफल नही हो सकता? यदि आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो फिर आपको फिजिक्सवाला के सीईओ अलख पांडेय के बारे में अच्छे से पड़ लेना चाहिए।


आइये जानते है अलख पांडे के बारे में (About Alakh Pandey) :

(Images Source: Social Media) 

अलख पांडे (Alakh Pandey) का जन्म 2 अक्टूबर 1991 को उतरप्रदेश के प्रयागराज में हुआ है। इन्होंने बिशप जॉनसन स्कूल और कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग एग्जाम की तैयारी करने लगे, साल 2015 मे अलख हाईकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट (एच.बी.टी.आई) कानपुर से बीटेक (Bachelor of Technology) की पढ़ाई करने लगे। लेकिन अलख ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। इसके बाद कोचिंग क्लासेज में ही अपनी पहचान बनाने के लिए जुट गए। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने 8वीं में पढ़ाई के दौरान ही कोचिंग क्लासेज और ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था।

 एक दौर ऐसा आया था जब अलख पांडेय के पिता को अलख की पढ़ाई के लिए अपना घर तक बेचना पड़ा था। अलख कहते हैं मैं जब छह साल का था तो मेरा घर बिक रहा था। घर खरीदने के लिए जब लोग आते थे तो मेरे परिवार वालों को बुरा लगता था, लेकिन मैं खुश होता था। क्योंकि मैं चाहता था कि मुझे एक नई साइकिल मिल जाए। आखिर घर बिक गया और परिवार के साथ स्लम एरिया में चला गया। जब मैं किराये के मकान में आया तो तब मुझे जीवन का अंधेरे के बारे में समझ में आया। मेरे पिता के पास कोई काम धंदा नहीं था. काम ठप्प हो जाने के बाद पिता ने सेल्समैन का काम शुरू किया था. वे मेरी बहिन की साइकिल लेकर बिस्किट, तेल और कॉस्मेटिक्स सामान बेचने जाया करते थे.

मैं जब क्लास आठवीं में था तो स्कूल में पढ़ाने लगा। फिर कॉलेज में भी पढ़ाया। बाद में कॉलेज से मुझे निकाल दिया गया, क्योंकि मैं बहुत छोटा था। इसके बाद मैं बच्चों को पढ़ाता रहा। तीन चार साल यूट्यूब चैनल पर फ्री में पढ़ाया। यह अब भी जारी है। शुरुआत मजबूरी में की। बाद में अच्छा रिस्पांस आने लगा। जब मैने यू ट्यूब चैनल बनाया तो उस पर सब्सक्राइबर नहीं थे। शुरुआत में 12 वीडियो डालने पर 20-30 लाइक्स मिले। फिर ऑनलाइन पढ़ाना छोड़ दिया। कुछ समय बाद दोबारा यूट्यब चैलन पर पढ़ाना शुरू कर दिया। छह मई 2018 में चैलन पर 50 हजार सब्सक्राइबर हो गए। 

बचपन में ही संघर्ष देखने वाले शहर के अलख पांडेय फिजिक्स वाला एप के माध्यम से आज एक अरब डॉलर का आर्थिक साम्राज्य खड़ा कर चुके हैं। मैंने बचपन से ही संघर्षों के दिन देखें। इसलिए संसाधन नहीं हौसला बड़ा होना चाहिए। मैं हमेशा सोचता था कि कुछ बड़ा करना है। अपने बच्चों के साथ जुड़ाव रहा। उसी का नतीजा है कि हम यहां तक पहुंचे।

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here