दक्षिण, अफ्रीका, यूके, रूस आदि देशों की टीम ने लिया जायजा, सैला डांस के साथ हुआ भव्य स्वागत।
तामिया, डेस्क रिपोर्ट : मध्य प्रदेश के पर्वतीय जिलों में होम स्टे से जुड़कर यहां के स्थानीय युवा स्वरोजगार को अपनाने के साथ ही पर्यटकों को उचित सेवा भी दे रहे हैं, जिससे छिंदवाड़ा जिले के दुर्गम इलाकों के लोगों की आजीविका में सुधार आया है. सीजन में स्थानीय लोग अच्छा रोजगार कर रहे हैं. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और पर्यटन स्थल के नज़दीक के गांवों से हो रहे पलायन को थामने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरु की गई होम स्टे योजना कारगर साबित हो रही है। इसके तहत अब पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोग अपने ही घरों में देश-विदेश के पर्यटकों के लिए ग्रामीण परिवेश में साफ व किफायती आवास सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहे हैं. इन होम स्टे में पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन परोसने के साथ ही उन्हें यहां की सभ्यता व संस्कृति से भी परिचित कराया जा रहा है, जो पर्यटक खूब पसंद कर रहे हैं।
आदिवासी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सावरवानी के अंतर्गत ग्राम तालढाना में अभी तक करीब दर्जन भर लोगों ने अपने घरों को होम स्टे में बदलने के लिए पर्यटन विभाग में पंजीकृत किया है. बता दें कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और पहाड़ के गांवों से हो रहे पलायन को थामने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा होम स्टे योजना की शुरुआत कुछ साल पहले की गई थी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की योजना ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत बन रहे इन होम स्टे (Home Stay) के हितग्राहियों से मिलने इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म (आई.सी.आर.टी.) के श्री हेरोल्ड गोडवीन एवं श्री एडमा गांव पहुंचे थे।ग्राम में पहुंचने पर ग्रामीणों ने विदेशी मेहमानों का भव्य स्वागत परंपरागत तरीके से किया था। जब विदेशी मेहमानों के सामने सैला नृत्य हुआ तो वे भी खुद को थिरकने से नहीं रोक सके थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद मेहमानों के सामने आदिवासी महिलाओं ने चूल्हे पर बना देसी भोजन परोसा था जिसका स्वाद लेकर वे काफी खुश नजर आए थे।
