बदलाव की कहानी: फिल्मी दुनिया को भा रहा सावरवानी का आकर्षण
छिंदवाड़ा। सतपुड़ा की हसीन वादियों में बसा पर्यटन ग्राम सावरवानी अब सिर्फ पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण परिवेश और स्थानीय संस्कृति से समृद्ध सावरवानी इन दिनों फिल्म शूटिंग को लेकर चर्चा में है। गांव में इन दिनों ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ की आवाज गूंज रही है।
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित किए गए इस पर्यटन ग्राम में बंगाल से आई फिल्म टीम द्वारा बंगाली भाषा में बनाई जा रही फिल्म ‘रायसेन रहस्य’ की शूटिंग चल रही है। लगभग एक सप्ताह तक चलने वाली शूटिंग के दौरान फिल्म का अंतिम शेड्यूल पूरा किया जा रहा है। वहीं दिसंबर माह में यहां दो अन्य फिल्मों की शूटिंग प्रस्तावित बताई जा रही है।
पर्यटन विकास ने खोले रोजगार के नए रास्ते
सावरवानी की बदलती पहचान के पीछे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा गांव की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक ग्रामीण जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ते हुए होमस्टे आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यटकों को गांव तक लाना ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को पर्यटन के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराना भी है।
कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में पर्यटन विकास से जुड़ी गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। होमस्टे को बढ़ावा देने, ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने तथा सावरवानी की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयासों से गांव की पर्यटन पहचान लगातार मजबूत हो रही है।
जब गांव बना फिल्म का सेट
पर्यटन के लिए विकसित किए गए इसी वातावरण के बीच सावरवानी इन दिनों फिल्मी रंग में रंगा नजर आ रहा है। बंगाल से पहुंची फिल्म टीम गांव के प्राकृतिक परिवेश, ग्रामीण जीवन और खूबसूरत लोकेशन को अपनी फिल्म की कहानी का हिस्सा बना रही है।
सावरवानी में फिल्म की शूटिंग केवल मनोरंजन या एक नई गतिविधि नहीं है, बल्कि पर्यटन ग्राम के रूप में गांव की बढ़ती पहचान का एक नया अध्याय भी है। जिस प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण परिवेश को पर्यटन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, वही अब फिल्मों की कहानी में भी दिखाई देने लगा है।
होमस्टे हुए फुल, ग्रामीणों को मिला काम
फिल्म शूटिंग का सीधा लाभ स्थानीय ग्रामीणों को भी मिल रहा है। फिल्म टीम के ठहरने के कारण सावरवानी के सभी होमस्टे लगभग एक सप्ताह के लिए फुल बुक हैं। इससे होमस्टे संचालक परिवारों को अतिरिक्त आय का अवसर मिला है और गांव में स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
वहीं गांव के युवाओं को शूटिंग टीम के साथ सहयोगी के रूप में काम करने का अवसर मिला है। महिलाएं भोजन व्यवस्था और मेहमाननवाजी में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
यानी कैमरे के सामने फिल्म की कहानी आगे बढ़ रही है, तो कैमरे के पीछे सावरवानी के ग्रामीणों के जीवन में रोजगार, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की कहानी लिखी जा रही है।
पर्यटन ग्राम से फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन की ओर
होमस्टे टूरिज्म और संस्कृति संरक्षण के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर चुका सावरवानी अब अपनी पहचान का नया विस्तार करता नजर आ रहा है।
पर्यटन से शुरू हुआ सफर अब फिल्म निर्माण तक पहुंच रहा है। वर्तमान में चल रही बंगाली फिल्म की शूटिंग और दिसंबर में प्रस्तावित दो अन्य फिल्मों की शूटिंग इस बात की ओर संकेत करती है कि सावरवानी का प्राकृतिक और ग्रामीण परिवेश फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
सावरवानी लिख रहा है बदलाव की नई कहानी
सावरवानी की कहानी अब केवल एक खूबसूरत गांव की कहानी नहीं रह गई है। यह शासन के प्रयास, पर्यटन विभाग की पहल, ग्रामीणों की सहभागिता और प्राकृतिक सौंदर्य के मेल से पैदा हो रहे नए अवसरों की कहानी बन रही है।
सतपुड़ा की गोद में बसा सावरवानी आज पर्यटकों का स्वागत करने के साथ-साथ फिल्मी दुनिया के लिए भी अपने दरवाजे खोल रहा है।
होमस्टे से रोजगार, पर्यटन से पहचान और फिल्मों से नई संभावनाएं—सावरवानी बदलाव की ऐसी कहानी लिख रहा है, जिसमें गांव की खूबसूरती अब केवल देखी नहीं जा रही, बल्कि फिल्मों की कहानियों में भी उतारी जा रही है।
आने वाले समय में सावरवानी मध्यप्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों के साथ-साथ फिल्म शूटिंग के आकर्षक लोकेशन डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।

